भारत आ रहा जहाज हाईजैक : चालक दल समेत 25 लोग बंधक

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19 नवंबर, 2023 को लाल सागर में गैलेक्सी लीडर नाम के एक कार्गो जहाज हाईजैक की सूचना मिली । जहाज कथित तौर पर तुर्की से भारत जा रहा था और उसमें 25 लोगों का अंतरराष्ट्रीय दल था। यमन के एक उग्रवादी समूह हौथियों ने अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने एक इजरायली जहाज को जब्त कर लिया है। हालांकि, इज़राइल ने इस बात से इनकार किया कि जहाज इजरायली स्वामित्व या संचालित था। इस घटना ने लाल सागर में शिपिंग की सुरक्षा और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना के बारे में चिंता जताई है।

भारत आ रहा जहाज हाईजैक : चालक दल समेत 25 लोग बंधक 

galaxy leader ship hijacked
Image source- Wikimedia / Garitzko

कब और कहाँ हुआ जहाज हाईजैक

19 नवंबर, 2023 की सुबह, लाल सागर में जहाज हाईजैक की सूचना मिली थी। जहाज एडन की खाड़ी में था, जो लाल सागर का एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। जहाज को अज्ञात सशस्त्र लोगों ने रोक लिया और उस पर नियंत्रण कर लिया।

कौन थे हाईजैक करने वाले

यमन के एक उग्रवादी समूह हौथियों ने अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने एक इजरायली जहाज हाईजैक कर लिया है। हालांकि, इज़राइल ने इस बात से इनकार किया कि जहाज इजरायली स्वामित्व या संचालित था।

क्यों किया गया जहाज हाईजैक

हौथियों ने अपहरण के कारणों का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अपहरण का उद्देश्य इज़राइल पर दबाव डालना और यमन में युद्ध में हौथियों की स्थिति को मजबूत करना हो सकता है।

कैसे किया गया हाईजैक

सुबह लगभग 10 बजे, जहाज एडन की खाड़ी में था, जो लाल सागर का एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। अचानक, एक नाव जहाज के पास पहुंची और उस पर सवार सशस्त्र लोगों ने जहाज पर हमला कर दिया।

सशस्त्र लोगों ने जहाज के चालक दल को बंधक बना लिया और जहाज पर नियंत्रण कर लिया। उन्होंने जहाज के रेडियो और अन्य संचार उपकरणों को नष्ट कर दिया, जिससे जहाज के चालक दल के साथ संपर्क टूट गया।

जहाज के अपहरण की जिम्मेदारी यमन के उग्रवादी समूह हौथियों ने ली। हौथियों ने दावा किया कि उन्होंने एक इजरायली जहाज हाईजैक कर लिया है। हालांकि, इज़राइल ने इस बात से इनकार किया कि जहाज इजरायली स्वामित्व या संचालित था।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जहाज के अपहरण की निंदा की और जहाज के दल की तत्काल रिहाई की मांग की। भारत सरकार ने भी अपहरण की निंदा की और जहाज के दल की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।

वर्तमान में, जहाज का ठिकाना और जहाज के दल की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हौथियों ने अभी तक जहाज के दल की रिहाई के लिए कोई शर्त नहीं रखी है।

अपहरण की संभावित वजहें

हौथियों ने अपहरण की वजह स्पष्ट नहीं की है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अपहरण का उद्देश्य इज़राइल पर दबाव डालना और यमन में युद्ध में हौथियों की स्थिति को मजबूत करना हो सकता है।

क्या हैं वर्तमान स्थिति

अभी तक जहाज के दल के सदस्यों की रिहाई नहीं हुई है और जहाज का ठिकाना भी स्पष्ट नहीं है। संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अपहरण की निंदा की है और जहाज के दल के सदस्यों की तत्काल रिहाई की मांग की है।

आगे क्या हो सकता है

यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि आगे क्या होगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अपहरण से लाल सागर में शिपिंग की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने अपहरण की निंदा की है और जहाज के दल के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने यमन के अधिकारियों से जहाज के दल के सदस्यों की तत्काल रिहाई का आह्वान किया है।

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अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने अपहरण की निंदा की है और जहाज के दल के सदस्यों की तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को कम करने का आह्वान किया है।

इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लाल सागर में शिपिंग की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें इस घटना की जांच करनी चाहिए और अपहरण को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए।

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